लाल किताब के अनुसार राहु

लाल किताब के अनुसार राहु

राहु प्रथम भाव से षष्ठ भाव तक

राहु को लाल किताब में ससुराल । वायरस । शुक्र और सूर्य का दुश्मन । कलयुग का राजा कहा गया है।

1 राहु यदि किसी जातक की कुंडली के पहले घर में हो तो वह सूर्य को मार देता है अर्थात् सूर्य से मिलने वाले लाभ जातक को नहीं मिलते। उसका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। बड़ी बिमारी हो सकती है। उपाय – हर शनिवार को गुड़ का दान करें 43 सप्ताह तक।
2 राहु यदि द्वितीय घर में हो तो पैसे की कमी रहेगी। घर के NW में Toilet हो सकता है। धन को लेकर समस्याएं रहेंगी। उपाय- घर के छत पर दक्षिण में लाल ध्वज लगाएं।
3 राहु यदि किसी जातक के तीसरे घर में होगा तो उसकी ससुराल प्रभावशाली होगी और ससुराल वालों के पास अच्छा पैसा होगा। भविष्य की बातें इनके सपनों में आ जाती हैं। तृतीय भाव में राहु का होना भाई के लिए अच्छा नहीं है। ऐसे लोगों की इन्ट्यूशन बहुत ही गजब की होती है। राहु के साथ साथ सूर्य या बुद्ध भी तीसरे घर में हो तो ऐसे लोगों की बहन विधवा हो जाती है। ऐसे लोगों का पैसा डूबता है। उपाय- हर रोज एक बार रसोई में ही खाना खाएं पैसा वापस मिल सकता है।
4 राहु जब किसी जातक के चतुर्थ भाव में विद्यमान होता है तो वह काम बदलता रहता है। ऐसे लोगों को रात में जागने की आदत होती है। सुसुराल वाले इनकी मदद करते हैं। इनके घर के पास खाली प्लॉट होता है ,जिसमें लोग कूड़ा फेंकते हैं। घर के पास सार्वजनिक शौचालय हो सकता है रेलवे ट्रैक भी हो सकता है। उपाय- अमावस्या को गंगा स्नान करें हर दौ-तीन महीने में अथवा घर के निकट कोई तीर्थ स्थल या पवित्र नदी हो उसमें स्नान करें।
5 राहु जब पाचवें घर में में हो तो सन्तान के जन्म के समय दिक्कत होती है। जिस पुरूष जातक के पञ्चम भाव में राहु होता है वह संतान के जन्म के समय साथ नहीं होता। सन्तान होने पर उसे कोई न कोई समस्या होती है। दादा या नाना की दो शादी होती हैं अथवा पिता की भी हो सकता है दो शादी हो जाएं यदि उनकी नहीं हुई तो जातक की खुद की दो शादी होती हैं। उपाय – चांदी पहनें और NW में चांदी का हाथी लगाकर रखें।
6 किसी भी जातक के षष्ठ भाव में राहु सबसे ताकतवर होता है। जातक बहुत तेज़ बुद्धिवाला होता है। लोग जितना पीछे खींचते हैं वह उतना ही आगे बढ़ता है। जीवन में कम से कम एक‌बार प्रेतबाधा होती है। डिप्रेशन भी हो सकता है। बड़े-बड़े लोगों से दोस्ती होती है पर गलत काम में लिप्त बड़े लोगों से । घर में किसी न किसी को बिमारी बनी रहती है और दवाएं चलती रहती हैं। उपाय – अपने दोस्तों को खुश रखें। अपने भाई को कष्ट न दें। काले रंग का कुत्ता पालें।

राहु सप्तम भाव से द्वादश भाव तक

7 किसी भी जातक के सप्तम स्थान का राहु उसके जीवनसाथी को बिमारी देता है। लड़की की कुंडली में हो तो उसके पति को माइग्रेन हो जाता है या गैस की समस्या हो सकती है। 21 वर्ष से पहले शादी करने पर या तो पति मर जाएगा या खुद मर जाएगी या फिर तलाक हो जाता है। पार्टनरनर के साथ हमेशा विवाद चलता रहता है। 700g. चांदी की ईंट अपने घर के NW में रखें।
8 किसी भी कुण्डली में अष्टम भाव में राहु होने पर बेहतरीन astrologer (ज्योतिषी) बनाता है। ज्योतिष सीखने पर अष्टम भाव का राहु परेशान नहीं करता। अचानक धोखे मिलते हैं। जातक काम बार-बार बदलता रहता है। बेईमानी की कमाई कई गुणा नुकसान करती है। ससुराल वाले शादी के समय कुछ श कुछ छिपाएंगे। घर में सीलन आती है। उपाय – आठ किलोग्राम कोयला बहते पानी में बहाएं (केवल एक बार)
9 जिस भी पुरूष जातक के नवम स्थान में राहु बैठा होता है उसकी पत्नी का बच्चा गिर जाएगा गर्भपात हो जाएगा। नवम भावस्थ राहु वाले लोगों को दादा का सुख नहीं मिलता। पूजा आदि न करने पर और खराब हो जाता है। भाई-बहनों से जितने मधुर सम्बन्ध होंगे उतना अच्छा है। खून के रिश्ते से कोर्ट केस की सम्भावना है। उपाय – पूजा-पाठ करने चाहिए।
10 दशम स्थान के राहु के बारे में कहा जाता है कि राहु दसवें दुनिया वश में। दशम स्थान का राहु अत्यधिक बलवान होता है। घर में जो काम किसी ने नहीं किया ये लोग वो काम करते करते हैं। घर वालों से अलग कोई नया प्रॉफेशन अपनाते हैं। ऐसे लोग दिलखोल कर खर्च करते हैं। बाल अगर सफेद हो जाएं तो बहुत ही शुभ होते हैं। उपाय – कभी भी बालों में डाई न करवायें।
11 एकादश भाव का राहु जातक के पिता की सेहत खराब करता है। ग्याहरवें राहु खुब पैसा देता है। पैसे आने का कोई न कोई रास्ता खुला ही रहता है। ऐसे लोगों को दूसरे कभी भी नजरअंदाज नहीं कर सकते, नहीं तो बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे जातक बड़ी से बड़ी समस्याओं को भी आसानी से हल कर लेते हैं। उपाय – एल्यूमीनियम के बर्तन खतरनाक होते हैं इनको घर से बाहर फेंक दें। कभी भी बालों में डाई न करवाएं।
12 जिनके द्वादश भाव में राहु होता है उनको नींद देर से आती है या बहुत ज्यादा आती है। इनके सेक्सुअल सम्बन्ध खराब होते हैं। बड़े -बड़े खर्चे बार-बार आते रहते हैं। बाहरवें स्थान में जब राहु के साथ सूर्य हो तो जब भी सूर्य की अन्तर्दशा अथवा महादशा आयेगी तब जेल करवा देता है। उपाय – बहन से रिश्ता खराब नहीं करना चाहिए। अपनी बहन या किसी भी कन्या को उपहार देते रहें।

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